डॉ एम के सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी 8527147788

क्र0सं0 अधिकारी का नाम पदनाम मो0 नं0 दूरभाष न0
1. श्री दिनेश कुमार अग्रवाल जोनल सैनेट्री आॅफिसर-टीएचए 9149319530 8178016842
2. श्री बिरेन्द्रपाल शर्मा एस0एफ0आई0-सिटी जोन 9212721779 8178016839
3. श्री योगेन्द्र कुमार एस0एफ0आई0-वसुंधरा जोन 8287215543 8178016840
4. श्री अशोक कुमार एस0एफ0आई0-सिटी जोन 8840370313 8178016921
5. कविता त्यागी एस0एफ0आई0-मोहननगर जोन 826078429 -
6. श्री उमेश प्रताप कविनगर जोन 9457108828 8178016843
7. श्री सुनील विजयनगर जोन विजयनगर जोन 9651277696 8178016844
8. श्री कयामुद्दीन मोहननगर जोन 9719159101 8178016846
9. श्री संजीव कुमार मोहन नगर जोन 9560775909 8178016838
10. नरेन्द्र कुमार प्रभारी पी.आई.यू 8860335645 8178016930
11. श्री मोहन लिपिक 9999632655
12. श्री अरविन्द त्यागी लिपिक 8826986951 9968030867
13. श्री उमाशंकर पाण्डेय स्वच्छ भारत मिशन 9999358083 -

नगर स्वास्थ्य अधिकारीए श्री आर.बी. सुमन गाजियाबाद नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में 3633 कर्मचारियों द्वारा कार्य कराया जा रहा है : नगर निगम सीमान्तर्गत आने वाले जोनों तथा उनमे तैनात कर्मीयो का विवरण निम्न अनुसार है :

01 सिटी जोन
सफाई एवं खाद्य निरीक्षक श्री वी0पी0 शर्मा
स्थायी सफाई कर्मचारियों की संख्या 560
भिश्ती कर्मचारियों की संख्या 10
अधिसंख्यक भिश्ती कर्मीयों की सं0 16
सफाई नायक 19
दैनिक वेतन भोगी सफाई श्रमिक 03
ठेका सफाई श्रमिक 569
कुल योग 1177
02 मोहन नगर
सफाई एवं खाद्य निरीक्षक श्री संजीव
स्थायी सफाई कर्मचारियों की संख्या 134
दैनिक वेतन भोगी सफाई श्रमिक 20
ठेका सफाई श्रमिक 451
कुल योग 605
03 वसुन्धरा जोन
सफाई एवं खाद्य निरीक्षक श्री योगेन्द्र यादव
स्थायी सफाई कर्मचारियों की संख्या 144
दैनिक वेतन भोगी सफाई श्रमिक 8
ठेका सफाई श्रमिक 355
कुल योग 507
04 विजय नगर जोन
सफाई एवं खाद्य निरीक्षक श्री सुनील
स्थायी सफाई कर्मचारियों की संख्या 83
ठेका सफाई श्रमिक 564
कुल योग 647
05 कविनगर जोन
सफाई एवं खाद्य निरीक्षक श्री उमेश प्रताप
स्थायी सफाई कर्मचारियों की संख्या 176
ठेका सफाई श्रमिक 378
कुल योग 554
प्रर्वतन विभाग - समस्त जोनों में अतिक्रमण/प्रवर्तन सम्बन्धी अभियान चलाये जाने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा कर्मचारियों की तैनाती प्रवर्तन विभाग में की जाती है |
तहसीलदार सफाई नायक श्री संजय
स्थायी सफाई कर्मचारियों की संख्या 37
कुल योग 37
अतिरिक्त सफाई मृतक आश्रित व काशीराम योजना के अन्तर्गत श्रमिक 106
कुल स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की संख्या 3633
स्थायी सीवर सफाई कर्मचारी की संख्या 43
कुल योग 3672

स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे कार्य

1. स्वास्थ्य विभाग का सबसे महत्पूर्ण कार्य नगर की साफ-सफाई हेतु सुचारु/नियमित रुप से कराने का है। जिससे शहर में गन्दगी का माहौल नही बन पाता है। संक्रमण रोगों के फैलने की स्थिति ना के बराबर होती है।

2. स्वास्थ्य विभाग में जन्म-मृत्यु का भी रजिस्ट्रेशन कराया जाता है।

3. सडकों की साफ सफाई कराकर कूडों का भी निदान किया जाता है।

4. समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा फॉगिंग मशीनों द्वारा शहर में दवाईयों का भी छिडकाव कराया जाता है। जिससे बीमारियों का प्रकोप कम होता है।

5. हिन्डन पर दाह संस्कार का भी कार्य नगर निगम के स्वास्थ्य द्वारा रजिस्ट्ररों के रिकार्ड किये जाते है।

6. बडे नाले व छोटे नालों की सफाई स्वास्थ्य विभाग द्वारा ही करायी जाती है।

7. गाजियाबाद नगर निगम क्षेत्रों में जितना भी कूडा होता है उसे स्वास्थ्य विभाग वाहनों के द्वारा एक चिन्हित स्थान पर डाला जाता है।

8. स्वास्थ्य विभाग द्वारा मन्दिरों से उत्पन्न पूजा सामग्री (वेस्ट) के निस्तारण हेतु विशेष व्यवस्था की गयी है। 9. स्वास्थ्य विभाग द्वारा भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन मे पूर्ण सहयोग किया जाता है।

जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र सम्बंधी दिशानिर्देश :-

1. नवजात का नाम वास्तविक स्थान के नाम पर मुन्ना,मुन्नी, गुडिया, पप्पू,पप्पी आदि बच्चे के जन्म के पंजीकरण के समय दर्ज नही करना चाहिये।

2. यदि नवजात के जन्म पंजीकरण के समय वास्तविक नाम नही लिखा है तो जन्म प्रमाण-पत्र जारी करते समय बच्चे के नाम का कॉलम डैश (-) किया जायेगा।

3. जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 मे निहित प्राविधानों के अनुसार जन्म के पंजीकरण में नाम की प्रविष्टी पंजीकरण की तिथि से 12 महीने के अन्दर निःशुल्क हो सकती है।

4. राज्य नियमों के प्राविधनों के अंतरगत जन्म रजिस्टर में बच्चे के नाम की पृविष्टि 15 वर्ष के भीतर चिंहित फीस का भुगतान किये जाने पर किया जा सकता है।

5. यदि बच्चे का नाम जन्म प्रमाण-पत्र में अंकित किया गया है तो नाम परिवर्तित नहीं किया जा सकता है।

6. जन्म अभिलेखो में बच्चे का नाम अंग्रेजी के बड़े अक्षरों (Capital Letters) में दर्ज किया जाना है ताकि नाम की स्पेलिंग की त्रुटियों से बचा जा सके।

7. यदि बच्चे का नाम बाद में जोडा जाता है और बच्चा स्कूल में अध्ययन कर रहा है तो स्कूल द्वारा प्रमाण-पत्र का पंजीकरण के समय सत्यापन किया जाना आवश्यक है।

8. पंजीकरण के समय माता पिता से स्वघोषण-पत्र लेंना आवश्यक है कि भविष्य में बच्चे का नाम परिवर्तित नहीं किया जायेगा।